सागर लहरें

Saturday, 25 January 2020

वन्देमातरम.....

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====== हम देश भक्ति के गीतों को गुन गुना ले, आज़ादी के ख़ूब नारे लगा ले; भाषण के दो -चार पन्ने सुना दे, पर होता नहीं कुछ इससे दोस्तों; हिम्मत ...
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Friday, 24 January 2020

एक तीली माचिस की........

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एक तीली चिन्ता की ख़ाक करती जिन्दगी धुंआ उठता है.......  आँखों में चुभता है....  अश्क बन आँखों से बहता....  एक तीली चिन्ता की......  एक तीली...
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Wednesday, 22 January 2020

जिन्दगी....

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साँस की सरगम पर गीत है जिन्दगी की  बज रही है धुन कभी खुशी कभी गम की!  मायूसियों से घबड़ाना क्या ,कांटों से डरना क्या  खोज वो ठिकाना जहाँ चिं...
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Tuesday, 21 January 2020

मौन.....

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गिले शिकवे मन के  कुछ  तो कहो!  मौन की  भाषा  कौन समझता यहाँ!! फ़लक से ज़मी तक मौन होती यहाँ! उदास आँखों मे नमी ,कुछ तो कहो!! सरकती ज़िन्दगी  ह...
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Monday, 20 January 2020

देश के सपूतों...

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किसने सोचा था विपक्ष सड़कों पर उतर आएगा   सत्ता के मोहपाश में बँध कर दुर्योधन बन जाएगा  एक तरफ खड़ा है अर्जुन संकल्पों का तीर लिये   दूजे तर...
Thursday, 16 January 2020

पतंग.....

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जीवन का दर्पण देख रहा मेरा मन  उड़ रहा उड़ रहा पतंग सा मेरा मन!             कभी इधर कभी उधर        न जाने मंजिल किधर        कभी उठूं कभी  गि...
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Wednesday, 15 January 2020

ओ बदनसीबो......

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ओ बदनसीबो  देश को नफ़रत की ज्वाला में मत झोंकों है  ये  वतन तुम्हारा ग़र, तो मज़हबी बाणों से मत कोंचों अनेकों बलिदानों की नीव पर  लहरा रहा त...
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उर्मिला सिंह
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