सागर लहरें
Sunday, 30 August 2026
'माँ शब्द छोटा है परन्तु.......
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'माँ ' बहुत छोटा शब्द हे मां प्यार, त्याग ममता की मूरत है माँ 🍁🍁🍁🍁🍁 जब हम छोटे होते थे ...
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Monday, 3 August 2026
बन्दे मातरम्
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*बन्दे मातरम्* धरती की मौन व्यथा समझे कौन... सूरज की मौन लिपी समझे कौन.... जो बाट रहे खण्ड-खण्ड में देश को ऐसे गद्दारों को देश प्रेम समझाए...
Thursday, 2 July 2026
बस कुछ यूँ ही...
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बचपन की यादें उम्र की झुर्रियों तले छुप गई हम देखते रहें जिन्दगी अपना वजीर चल गई गिरती दीवारों को सम्हालता कौन है कँपकपाते हाँथो कोें थामता ...
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हंगामा...
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जिधर देखो उधर हंगामा.....ही हंगामा कलियों को देख भौरों में .....हंगामा रंगों की बौछार आई ...दिलों में ..... हंगामा..... दुकानों में अबीर गुल...
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Monday, 29 June 2026
चलन दुनिया का
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चलन दुनिया का ************* दुनिया का चलन लगे सीखने सबक बहुत नादान थे हम समझ न पाये सबब। छल प्रपंच से भरी ये दुनिया सारी देखी जो बेहाली न...
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Monday, 22 December 2025
अजीब दुनिया,अजीब लोग हो गए,जो बड़े थे वो आज छोटे हो गए।रिश्ते परिंदे बन उड़ चले.....हम सहमें- सहमें देखते रह गए।रफ़्तार- ए जिन्दगी इस कदर तेज हो गई,जो आगे चल रहे थे वो पीछे हों गए। जिंदगी के सफ़र मेंअकेले रह गए....टूटते..बिखरते..सम्हलते रहगए। स्वार्थी दुनिया केभ्रम में जीते रहे...उम्मीदों का जनाजा,धूम धाम धाम से देखते रह गए। उर्मिला सिंह
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अजीब दुनिया
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