सागर लहरें

Thursday, 2 July 2026

बस कुछ यूँ ही...

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बचपन की यादें उम्र की झुर्रियों तले छुप गई हम देखते रहें जिन्दगी अपना वजीर चल गई गिरती दीवारों को सम्हालता कौन है कँपकपाते हाँथो कोें थामता ...
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हंगामा...

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जिधर देखो उधर हंगामा.....ही हंगामा कलियों को देख भौरों में .....हंगामा रंगों की बौछार आई ...दिलों में ..... हंगामा..... दुकानों में अबीर गुल...
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Monday, 29 June 2026

चलन दुनिया का

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चलन दुनिया का ************* दुनिया का चलन  लगे सीखने सबक बहुत नादान थे हम  समझ न पाये सबब। छल प्रपंच से भरी  ये दुनिया सारी देखी जो बेहाली न...
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Monday, 22 December 2025

अजीब दुनिया,अजीब लोग हो गए,जो बड़े थे वो आज छोटे हो गए।रिश्ते परिंदे बन उड़ चले.....हम सहमें- सहमें देखते रह गए।रफ़्तार- ए जिन्दगी इस कदर तेज हो गई,जो आगे चल रहे थे वो पीछे हों गए। जिंदगी के सफ़र मेंअकेले रह गए....टूटते..बिखरते..सम्हलते रहगए। स्वार्थी दुनिया केभ्रम में जीते रहे...उम्मीदों का जनाजा,धूम धाम धाम से देखते रह गए। उर्मिला सिंह

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अजीब दुनिया

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Monday, 8 December 2025

हमदर्द

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हमदर्द.... .. अश्कों को हमदर्द बना   दर्द गले लगातें हैं मुझसे मत पूछो दुनिया वालों  अधरों पर मुस्काने  किस तरह सजातें हैं।।  फूलों की चाहत ...
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Monday, 1 December 2025

सुस्त कदम मेरे

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सुस्त कदम मेरे....    🌺🌺🌺 चलते  चलते,.... रुक जाते .... एक मोड पर ये  थके थके, रुके रुके अलसाए ... सोचों में हैं खोए  कौन डगर जाऊं कुछ सम...
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उर्मिला सिंह
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