सागर लहरें

Wednesday, 28 October 2020

नारी अस्मिता पर चोट कब तक?

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नारी अस्मिता पर चोट कब तक???       ********0*******     जीवन उपवन इतना सूना क्यों है     राहों  पर  इतना  सन्नाटा  क्यों है     सहमी सहमी डर...
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Sunday, 25 October 2020

गज़ल

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तूफानों में जो जल सके वो चिराग लाओ हरसू अंधेरा ही अंधेरा  है उजाले लाओ !! मजहब के छालों से जख़्मी तन मन होरहा हो सके तो मोहब्बत के भरे  प्याल...
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Wednesday, 21 October 2020

शक्ति पुंज हो ,शक्ति का आवाह्न करो...

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द्रोपदी  का चीर  हरण  नित्य होता रहा    दर्द की कराह रौंद जग आगे बढ़ता रहा   राजनीति सियासत का पासा फेकती रही.....   उसूल मरता,न्यायालय जमानत...
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Monday, 19 October 2020

जो कभी नही भरते.....

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माने या न माने.....चार स्थान ऐसे हैं जो कभी नही भरते  समुद्र, मन, तृष्णा, और श्मशान  समुद्र :- समुन्दर तेरी गहराई तेरे ओर क्षोर का पता नही क...
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Wednesday, 14 October 2020

एक सोच ......

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मन की सोच जो अनायास उभरती है भाओं में...... ************************************* अनायास मन में सोच उभरती है..... क्या विध्वंसकारी विचारों प...
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Monday, 12 October 2020

गज़ल

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ज़मीर की ज़मीन बंजर होगई आजकल उसूलों की तामील दीजिये तो बात बने।। रिश्तों की क्यारी में रेत ही बाकी बची रोने को  इसमें स्नेह के फूल खिले तो बा...
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Sunday, 11 October 2020

ह्रदय प्रेम की लहरें नयन करुणा की ज्योति,ऐ मालिक सुन ले बस इतनी सी विनती मेरी।।

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अन्तर्मन ******** जीवन के दुखमय क्षण में  घनघोर अंधेरा दिखता हो  मष्तिष्क काम नही करता हो  तब अन्तर्मन जुगनू बनके.....  पथ भूले पथिक को राह ...
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उर्मिला सिंह
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