सागर लहरें

Sunday, 31 March 2024

अन कही व्यथा......

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अन कही व्यथा     ********** अनकही व्यथा दर्द का भंडार है कहूं किससे दर्द में डूबा संसार है मन  ठूंठ सा लगने लगा है अब.… दरक्खत से पत्ते गिरन...
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Saturday, 9 March 2024

बस यूं ही....जख्मों की अन कही कहानी....

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ज़ख्म से जब जख्म की आंखे मिली दिल के टुकड़े हुवे जख्म मुस्कुराए.....। जख्म ने  हंस कर जख्म से पूछा..... कहो कैसे गुजरे दिन अश्कों के समंदर म...
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Tuesday, 27 February 2024

बस यूं ही......

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   तनहाइयां बेहतर हैं उस भीड़ से जनाब  जहांअपनापन दम तोड़ता हो ओढ़े नकाब ।।  मरहम चले लगाने तो गुनहगार हो गए हम  तेरे यादों के पन्नों में ख...
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Sunday, 18 February 2024

नारी...का दर्द

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सात भांवरों की थकान उतारी न गई दो घरों के होते हुवे नारी पराई ही रही। जिन्दगी का सच ही शायद यही है..... सभी कोअपनाने में  अपनी खबर ही न रही।...
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Saturday, 10 February 2024

ख्वाब....मन और मैं......

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कभी कभी मन ख़्वाबों के ..... वृक्ष लगाने को कहता...... सीचने सावारने को कहता.... दिमाग कहता .... पगली !तेरे पौधों को सीचेंगा कौन  किसे फुर्स...
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Friday, 2 February 2024

बस यूं ही....कलम चल पडी

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      बस यूं ही....कलम चल पड़ी।   जीवन की ऊबड़ खाबड़ पगडंडियों पर  कभी धूप छांव कभी कंटकों पर चल पड़ी      आंसू और मुस्कुराहटों सेउलझ पड़ी।।...
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Thursday, 11 January 2024

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भारत माँ का मुकुट हिमालय है  तो हिंदी मस्तक की बिंदी । पहचान हमारी अस्मिता हमारी  अभिमान हमारा है हिंदी .... ।हिंदी  भाषा के विकास का इतिहास...
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उर्मिला सिंह
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