सागर लहरें
Saturday, 23 May 2020
पद चिन्ह.....
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ख्वाबों के ज़मीन पर जिंदगी की बिखरी रेत पर कुछ पदचिन्ह आज भी-- दिख रहें हैं धुंधले- धुंधले.. शायद दर्द के सागर ने अपना अधिपत्य जमा...
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Tuesday, 19 May 2020
भूख से बेहाल तन...
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भूख से बेहाल तन ,भय से है गमगीन मन ख़ामोशी का समंदर ,विषयुक्त हुवा पवन सूनी राहें सन्नाटा पसरा ,ठिठका नज़र आता चाँद भी आती जाती सांसे ,गिन र...
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Saturday, 16 May 2020
एक पाती को मन तरसता....
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दिखता नही अब डाकिया एक पाती को मन तरसता। एक पाती को मन तरसता काश मिल जाये बाँच लेता बीते दिनों के ख़ुशगवार पल को प्रिय ! मुट्ठियों में कैद क...
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Thursday, 14 May 2020
चुटकी भर सिंदूर1
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कुछ यादें ऐसी होती हैं जो पीछा नही छोड़तीं ... यादों की अमराई में वक्त बे वक्त दस्तक दे ही देती हैं......! ऐसी ही आज की शाम है........
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Sunday, 10 May 2020
माँ.....
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माँ तो सांसों में जीवन के हर पल में होती माँ का कोई मुख्य दिन भी होता है , ये तो अता पता ही नही था मुझको.... हर दिन हमको तो माँ का दिन लगता ...
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Saturday, 2 May 2020
उम्र जाते जाते....
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उम्र जाते जाते ..... *************** जिन्दगी! पतंग की तरह अम्बर में उड़ जाने दे उमंगो की स्वर लहरी हवाओं में बिखर जाने दे! तिमिर आच...
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शोहरत पर मत कर अभिमान
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शोहरत की मदिरा पर मत कर इतना गुमान रे इंसान मत कर इतना अभिमान ! है ये चार दिनों का खेला आज है कल मिट जाए रें इंसांन मत कर इतना अभिमान ! म...
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