सागर लहरें

Tuesday, 25 February 2025

बिखरी जिंदगी..

›
   बिखरी जिंदगी......  ************ दिल टूटता गया   हम बिखरते गए सम्हलने की कोशिश में हर बार  शिकस्त खाते गए  लहूलुहान कदम चलते रहे दर्द चुभ...
Saturday, 22 February 2025

हृदय में क्रंदन

›
हृदय में क्रंदन उर ज्वाला,जीवन गीत लिखूं कैसे  अश्कों के सजल रथ में, मोम से ख्वाब  पिघलते व्यथा की पीर दिशाओं में हवाओं के संग भटकते बिखरे स...
Saturday, 15 February 2025

प्रेम......की सीढ़ियां

›
प्रेम की सीढ़ियां,....       प्रेम की अभिव्यक्ति           मौन से होती है       प्रेम सम्मान चाहता है           अपमान नहीं        प्रेम स्वी...
10 comments:
Wednesday, 12 February 2025

प्रार्थना का मूल रूप

›
प्रार्थना का मूल रूप.....     *****0***** प्रार्थना जितनी गहरी होगी  उतनी  ही  निःशब्द होगी कहना चाहोगे बहुत कुछ  कह ना पाओगे कभी कुछ। विह्व...
Friday, 10 January 2025

वक्त

›
वक्त तेरी राहों  पे चलते चलते उम्र ढल जाती है बिन जिए ये जिन्दगी जाने कैसे गुजर जाती है।। न शिकवा न शिकायत खामोशियों का अlलम है वक्त की मेहर...
11 comments:
Tuesday, 31 December 2024

नव वर्ष 2025 स्वागत है तुम्हारा

›
नव वर्ष 2025 ...   ******* स्वागत है नवल धवल नव वर्ष तुम्हारा।। स्वागत को आतुर हृदय, मुस्कुराते खिलखिलाते  गुनगुनाते,उमंगों को जगाते, नई किर...
6 comments:

अलविदा 2024

›
अलविदा 2024… कुछ शिकायतें , कुछ प्यार भरी बातें, कुछ सर्द कुछ गर्म, कुछ खट्टा कुछ मीठा, इंद्रधनुषी रगों में रंगे... जीवन के अनेक सपने! कुछ क...
‹
›
Home
View web version

About Me

उर्मिला सिंह
View my complete profile
Powered by Blogger.