सागर लहरें

Tuesday, 29 April 2025

कर्म ही तेरी पहचान है..

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कर्म ही तेरी पहचान है ****************** कंटक मय पथ तेरा , सम्भल- सम्भल कर चलना है ! चलन यही दुनिया का, पत्थर में तुमको  ढलना है!! उर की जलत...
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Sunday, 9 March 2025

नींद में भटकता मन....

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नींद.... में भटकता मन.....  *****0*****0***** नींद में भटकता मन  चल पड़ा रात में,  ढ़ूढ़ने सड़क पर.....  खोए हुए .....  अपने अधूरे सपन...  प...
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नींद.... में भटकता मन.....  *****0*****0***** नींद में भटकता मन  चल पड़ा रात में,  ढ़ूढ़ने सड़क पर.....  खोए हुए .....  अपने अधूरे सपन...  प...
Tuesday, 25 February 2025

बिखरी जिंदगी..

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   बिखरी जिंदगी......  ************ दिल टूटता गया   हम बिखरते गए सम्हलने की कोशिश में हर बार  शिकस्त खाते गए  लहूलुहान कदम चलते रहे दर्द चुभ...
Saturday, 22 February 2025

हृदय में क्रंदन

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हृदय में क्रंदन उर ज्वाला,जीवन गीत लिखूं कैसे  अश्कों के सजल रथ में, मोम से ख्वाब  पिघलते व्यथा की पीर दिशाओं में हवाओं के संग भटकते बिखरे स...
Saturday, 15 February 2025

प्रेम......की सीढ़ियां

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प्रेम की सीढ़ियां,....       प्रेम की अभिव्यक्ति           मौन से होती है       प्रेम सम्मान चाहता है           अपमान नहीं        प्रेम स्वी...
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Wednesday, 12 February 2025

प्रार्थना का मूल रूप

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प्रार्थना का मूल रूप.....     *****0***** प्रार्थना जितनी गहरी होगी  उतनी  ही  निःशब्द होगी कहना चाहोगे बहुत कुछ  कह ना पाओगे कभी कुछ। विह्व...
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उर्मिला सिंह
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