सागर लहरें

Thursday, 29 August 2019

स्वार्थ की दुस्साहसता देख भींग उठते नयन....

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स्वार्थ की दुस्साहसता देख भींग उठते नयन..... ************************************ चहुँओर स्वार्थ की दुस्साहसता देखते तरल नयन किसे अपना कह...
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Wednesday, 28 August 2019

अनकही व्यथा जब पन्नो पर बिखरती है....

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कुछ धुवां उठा.... कुछ जख्म जले..... ****************************** पन्नो पे बिखरते ही मायूस पड़े ........ लफ्जों में मानो जान आगई कुछ स...
Sunday, 18 August 2019

तस्वीर तेरी आँखों में बसाया.......

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जब जब बन्द किया नैनों को प्रिय तुमको ही मुस्काते पाया तस्वीर तेरी जब जब देखा मन ने तुझको तुझसे ही चुराया प्रेम भरी पाती लिख -लिख स्वयम को ...
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Saturday, 17 August 2019

कश्मीर की महकती घाटियां .......

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आकाश में सितारों की छटा बदल गई है डरी घाटियां आज़ादी के जश्न में चहक रही हैं!! *********************************** जो चिड़िया पिंजरे में बन...
Friday, 16 August 2019

नेकियों का सिक्का लुप्त होरहा....

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अब पत्थरों सी जलने लगी है जिन्दगी नेकियों का सिक्का लुप्त  होरहा .... अब रिस्ते जल्दी चटकतें हैं.... अब भरोसे  जल्दी  टूटतें हैं.... सच ...
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Thursday, 15 August 2019

लाल चौक से लाल किले तक तिरंगे से रंग जाएगा,आज़ादी के इस पर पर्व पर अब सारा भारत मुस्कुराएगा।

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आज पत्ते चिनारों के  हंस रहे हैं झुमके....... सिसकती वादियां महकती केसर के फूल से... मंदिरों में बजती घण्टियाँ देरहीं आशीष हैं दिशाएं सजाए...
Monday, 12 August 2019

कविता मैं जान न पाई तुम क्याहो......

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-*-*  कविता मैं जान न पाई *-*- कविता, मैं जान न पाई,         तुम क्या हो ! क्या तुम एक सपना हो !         या उर सागर की, उठती - गिरती लह...
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उर्मिला सिंह
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