सागर लहरें

Wednesday, 23 June 2021

गजल.....

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फ़िर अंधेरे आने न पाए ,रोशनी सम्भल के रहना चल रहें चालें अंधेरों के मदारी,सम्हल के रहना।। ये सच है ख़ामोशी की शाख पर ,कडुवे फल नही लगते, अति ख़...
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Sunday, 20 June 2021

ग़ज़ल...

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बादलों की तरह  होती हैं खुशियां कोई जानता   नही । कब कहाँ बरस जाएंगी ये खुशियां कोई जानता नही।। 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 बद्दुआएं जुबाँ से ही ...
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Saturday, 19 June 2021

कोमल सपने...

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कोमल सपनो के कोई पंख न काटो उड़ने दो इनको बन्धन में मत बांधो।। स्वप्नों को जब आकाश मिलेगा मन वीणा से सुर गान सजेगा मेघों से तृप्ति ,किरणों से...
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Tuesday, 15 June 2021

तृष्णा तूँ न गई मन से...

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निडर तृष्णा ....  बचपन से जवानी तक रहती है मन में....  मन क्यों वसीभूत होता है तुझ में  चेहरे की झुर्रियां बालों की सफेदियाँ  अनदेखी कर तरुण...
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Thursday, 10 June 2021

जिन्दगी का नया सबेरा....

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जिन्दगी का नया सबेरा ****************** जिन्दगी का क्या भरोसा  तूँ  स्वयम प्रकाश उसका  मत निराश होना कभी मन  जिन्दगी का होता हर दिन नया सबेर...
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Monday, 7 June 2021

नज़र...

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कतरा के चलते थे जो कभी अपनों की नजर से तड़पते है मिलाने को नज़रे अब उनकी नजर से।। बेवफाई की अदा में माहिर थे वो सदा से ही... कसूर अपना था मिल ...
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Tuesday, 1 June 2021

मित्र मंडली। .

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मित्र मंडली इम्युनिटी बढ़ाने का स्रोत होताहैं कभी तोला कभी मासा कभी सवासेर होता हैं। बिन इनके जिन्दगी स्वाद विहीन रसहीन होती सच पूछो तो जीने ...
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उर्मिला सिंह
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