सागर लहरें

Sunday, 22 May 2022

मन, कलम की गुफ़्तगू

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मन,विचार का मिलन जब कलम से होता है तब कलम  पन्नों से कुछ गुफ़्तगू करने के लिए मचल पड़ती है....... मन सोचा करता  है.....कभी कभी     क्या पाया क...
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Sunday, 15 May 2022

गुन गुनाओं ज़रा

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गुनगुनाओ की  सहरा में भी बहांर  आजाये। सुर  सजाओ  फिजाओं में भी जान आजाये।। बड़ी बेरुखी से देखा है  जिन्दगी ने मुझे। ज़रा शम्-ए उल्फ़त जलाओ तो ...
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Sunday, 8 May 2022

मातृ दिवस पर वन्दन

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मातृ दिवस पर ह्रदय से वन्दन.......     ------0-----0------ मां और बच्चे का नाजुक स्नेहिल रिश्ता निर्मल पावन निःस्वार्थ होता ये  रिश्ता।। मां...
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Wednesday, 4 May 2022

घाव जिन्दगी के....

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अनगिनत घाओं की गिनती करूँ कैसे अश्को से भींगते मन को सुखाऊं कैसे वादियों में आहों का शोर  छुपाऊं कैसे हवाएं नफ़रतों का संदेश ले आ रहा  ह्रदय ...
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एक अनुरोध माँ का---बच्चों से

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एक अनुरोध मां का- -बच्चों से.... आज प्रातः 'राजस्थान पत्रिका' देख रही थी तभी एक कहानी पर हमारी नज़र रुक सी गई नाम था 'ममता'पत...
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Wednesday, 27 April 2022

जिन्दगी के कुछ उसूल...

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बात- बात पर रूठा न कीजिये।  झूठे वादों से तौबा किया कीजिये।।  फ़ुरसत के लम्हों में आत्ममंथन करें। जिन्दगी आसां बना जिया कीजिये।। जितनी हो चाद...
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Wednesday, 13 April 2022

नारी मनोव्यथा.....

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नारी मनोव्यथा  किसने है समझी आंसू गिरवी हैं यहां मुस्कानों का ठौर नही अगणित घाव चिन्ह  उफ़ करने का अधिकार नही...  ऐसे जग में नारी.......  कैस...
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उर्मिला सिंह
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