Sunday, 11 September 2022

कलयुग

जीवन के पांच विकार ,काम,क्रोध,मोह,लोभ अरु अभिमान
कह गये वेद पुराण,पोथी गीता,संत सुजान।

फेसबुक,ट्विटर,यूट्यूब,वाट्सएप अरु इंस्ट्राग्राम
फिर क्यों बनादिए ये नए विकार बोलो हे करुना निधान।

इन शातिरों ने कर दिया जीना सबका दुष्वार
प्रातःउठ,लिए हाथ में घूमते जैसे हो ये भगवान।।

प्यार ,मोहब्बत,दोस्ती का है ये ठेकेदार
पथप्रदर्शक बन देता मोबाइल सबको ज्ञान।

इसके चंगुल से बच न पाए,ज्ञानी ध्यानी,वैरागी
यूट्यूब सुनाता गज़ल,भजनआरती के गान।। 

पति पत्नी और बच्चे वाट्स पर रहते मशगूल 
नोक झोंक होती पर नही छूटती इस से जान।

पत्राचार,मिलना जुलना बन्द वीडियो कॉलिंग में 
रहते मस्त
सोच रहा डाकिया पक्का कलयुग क्या यही है भगवान? 
                उर्मिला सिंह
                



                   


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